शायरी- hate shayari
किस्सा बन कर निकले है ,
कहानी बन कर आएँगे ,
जितने है क़िरदार हममें ,
वो सब तुम्हें दिखाएँगे ,
दिया है जितना धोखा तुमने ,
उतना तुम्हें सताएँगे ,
हर तरफ़ दिखेंगे सिर्फ हम ,
इतना तुम्हें रूलायेंगे।
लेखक - रितेश गोयल 'बेसुध'
किस्सा बन कर निकले है ,
कहानी बन कर आएँगे ,
जितने है क़िरदार हममें ,
वो सब तुम्हें दिखाएँगे ,
दिया है जितना धोखा तुमने ,
उतना तुम्हें सताएँगे ,
हर तरफ़ दिखेंगे सिर्फ हम ,
इतना तुम्हें रूलायेंगे।
लेखक - रितेश गोयल 'बेसुध'
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